गुलाबी गेंद की कहानी गुलाबी गेंद की कहानी बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक छोटा सा बच्चा था जिसका नाम राजू था। राजू बहुत ही खुश और मिलनसर बच्चा था। उसकी सबसे पसंदीदा चीज़ गेंद खेलना था। एक दिन, राजू ने अपने दादा से गेंद मांगी। दादा ने उसे एक बहुत ही खास गुलाबी गेंद दी। गेंद बहुत ही चमकीली और सुंदर थी। राजू (खुशी से): "धन्यवाद दादा! यह गेंद बहुत ही सुंदर है।" राजू ने अपने दोस्तों को बुलाया और सब मिलकर गेंद के साथ खेलने लगे। गेंद का रंग और चमक सभी को भाया। एक दिन, जब राजू गेंद से खेल रहा था, गेंद की एक खुदाई हो गई। रंग उड़ गया और गेंद दिखाई नहीं दे रही थी। राजू बहुत ही दुखी हो गया। राजू (रोते हुए): "मेरी सबसे पसंदीदा गेंद खो गई!" उसके दोस्त ने उसे सांत्वना दी और उससे कहा, "राजू, तुम्हारी मुसीबत हम सब साथ हैं। हम मिलकर तुम्हारी मदद करेंगे।" सबने मिलकर एक नई गेंद बनाई और राजू को दी। राजू ने समझा कि अगर कभी कोई मुसीबत आए, तो दोस्तों का साथ हमेशा सहारा देत...